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क्या बालों का गिरना थायरॉइड का संकेत है? जानिए कारण और समाधान

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आजकल बालों का झड़ना एक आम समस्या बन गया है, लेकिन जब बाल तेजी से और असामान्य रूप से झड़ने लगें, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। कई बार यह सिर्फ मौसम, तनाव या गलत शैंपू का परिणाम नहीं होता, बल्कि थायराइड जैसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारत में लगभग 4.2 करोड़ लोग थायराइड से पीड़ित हैं, और विशेषज्ञों के मुताबिक थायरॉइड की समस्या बालों के झड़ने का एक प्रमुख कारण हो सकती है। आइए, जानते हैं कि थायरॉइड और बालों के झड़ने का क्या संबंध है और इससे कैसे बचा जा सकता है?

थायरॉइड से बाल झड़ने का क्या है कनेक्शन?
थायरॉइड ग्रंथि, जो गले में तितली के आकार की होती है, शरीर के मेटाबॉलिज्म, एनर्जी लेवल और हार्मोन बैलेंस को कंट्रोल करती है। जब यह ग्रंथि ठीक से काम नहीं करती, तो हाइपोथायरायडिज्म (कम सक्रिय) या हाइपरथायरायडिज्म (अधिक सक्रिय) की स्थिति पैदा होती है। दोनों ही स्थितियों में बालों का तेजी से झड़ना एक सामान्य लक्षण है। हाइपोथायरायडिज्म में बाल रूखे, पतले और कमजोर हो जाते हैं, जबकि हाइपरथायरायडिज्म में मेटाबॉलिज्म की अधिकता के कारण बालों के रोम कमजोर पड़ते हैं।

विशेषज्ञ के मुताबिक, ‘थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन बालों के विकास चक्र को बाधित करता है, जिससे बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं। अगर रोजाना 100 से ज्यादा बाल झड़ रहे हैं, तो ये थाइराइड का लक्षण हो सकता है और ऐसी स्थिति में जरूर टेस्ट करवाना चाहिए।’

थायरॉइड के अन्य लक्षण
बालों के झड़ने के अलावा, थायरॉइड के कुछ अन्य लक्षणों पर भी ध्यान देना जरूरी है। हाइपोथायरायडिज्म में थकान, वजन बढ़ना, रूखी त्वचा, ठंड सहन न करना और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं, हाइपरथायरायडिज्म में वजन घटना, चिड़चिड़ापन, तेज हृदय गति, ज्यादा पसीना और नींद की कमी जैसे लक्षण दिखते हैं। खासकर महिलाओं में गर्भावस्था या मेनोपॉज के दौरान थायरॉइड की समस्या अधिक देखी जाती है।

क्या हैं कारण?
थायरॉइड के कई कारण हो सकते हैं, जैसे आनुवंशिकता, तनाव, गलत खानपान, आयोडीन की कमी, या सोया उत्पादों का अधिक सेवन। गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल बदलाव भी थायरॉइड को ट्रिगर कर सकते हैं।

बचाव और उपाय
अगर बाल झड़ने के साथ थायरॉइड के अन्य लक्षण भी दिख रहे हैं तो, ऐसी स्थिति में TSH, T3 और T4 टेस्ट करवाएं। आयोडीन, सेलेनियम और जिंक से भरपूर फूड प्रोडक्ट जैसे मछली, अंडे, दही और हरी सब्जियां खाएं। सोया, गोभी और प्रोसेस्ड फूड से बचें। थायरॉइड पॉजिटिव होने पर डॉक्टर की सलाह लें।

(साभार)

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