17.3 C
Dehradun

योगी सरकार ने यमुना तीरे फार्म हाउसों पर चलाया बुलडोजर

Must read

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नोएडा और इर्द-गिर्द यमुना की गोद में फार्म हाउस बनाने का खेल कुछ यूं खेला गया कि कोई अंगुली न उठा पाए, लेकिन मामला उजागर होने के बाद अब अधिकारी पूर्ववर्ती अफसरों पर ठीकरा फोड़ने से नहीं हिचक रहे। फार्म हाउस बनाने के चक्कर में यमुना की धारा मोड़ी ही नहीं गई, बल्कि उसके प्राकृतिक स्वरूप के साथ जमकर खिलवाड़ करने में भी संकोच नहीं किया गया। नदियों के प्रति जहां एक ओर योगी सरकार संवेदनशीलता का परिचय दे रही है, नदियों की स्वच्छता और उन्हें अविरल बनाए रखने की खातिर हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं, टेनरियां बंद करा दी गई हैं, वहीं यमुना तीरे फार्म हाउसों का निर्माण साबित करता है कि अफसरों को न तो यमुना की चिंता है और न ही सरकार के इरादों की कोई परवाह है।

अफसरों में इतनी संवेदनशीलता भी नहीं कि यमुना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र की जीवन धारा है। नदियों के प्राकृतिक स्वरूप से छेड़छाड़ न केवल आपराधिक कृत्य है, बल्कि सभ्य समाज के लिए अभिशाप भी है। यमुना का धार्मिक महत्व तो सर्वविदित है ही लेकिन, इस नदी से करोड़ों की आबादी की प्यास भी बुझती है, अनगिनत लोगों का रोजी-रोजगार भी इससे जुड़ा है।

विस्मयकारी है कि यहां रजिस्टियां होती रहीं, जिला पंचायत से नक्शे पास होते रहे और फार्म हाउस बनकर तैयार भी हो गए, लेकिन अफसरों को भनक तक नहीं लगी। यह अविश्वसनीय सच है। मामला उजागर होने के बाद प्रशासन ने बुलडोजर चलाया तो अब कामगारों को आगे करके प्रदर्शन प्रयोजित कराया जा रहा है। शनिवार को भी बड़ी संख्या में पुलिस की मौजूदगी में नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। सेक्टर-135 स्थित नंगला नंगली गांव के डूब क्षेत्र में बने 27 अवैध फार्म हाउसों को ध्वस्त किया गया। नोएडा प्राधिकरण की यह तीसरी बड़ी कार्रवाई थी। गिराए गए फार्म हाउसों को पक्का निर्माण करके लक्जरी बनाया गया था। प्राधिकरण के मुताबिक जमीन की कीमत 60 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। अब तक 50 से भी अधिक फार्म हाउस ध्वस्त किए जा चुके हैं, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में खड़े फार्म हाउस प्रशासन को चिढ़ाते दिख रहे हैं। फार्म हाउस के नाम पर अधिकारियों की यह बेनामी संपदा मौज-मस्ती के अत्याधुनिक ठिकाने के साथ ही कमाई का जरिया भी बन गई। यहां शादी-बरात के साथ ही विभिन्न आयोजन होने लगे। स्वीमिंग पूल के साथ ही म्यूजिक फ्लोर और रैन डांस की व्यवस्था उपलब्ध होने के कारण लोग बरबस यहां खिंचे चले आ रहे थे।

सावधानी इस कदर बरती गई कि बिजली कनेक्शन लेने के स्थान पर चोरी की बिजली, सौर ऊर्जा चालित व्यवस्थाएं की गईं और अचानक होने वाली दिक्कतों से निपटने के लिए शोर न करने वाले जेनरेटर लगाए गए। देर रात चलने वाली पार्टियों ने यहां के बाशिंदों का जीना हराम कर दिया था। कई बार इसकी शिकायत भी की गई, लेकिन उन्हें अनसुना कर दिया जाता रहा। अधिकरियों ने चेतावनी दी है कि यहां पक्का निर्माण नहीं होना चाहिए। अवैध फार्म हाउस तोड़ने के लिए डूब क्षेत्र के प्रत्येक गांव का सर्वे किया जा रहा है। बुलडोजर चलाने से पहले प्राधिकरण की टीम सर्वे कर रही है, ताकि कोई कमी न रह जाए।

क्षेत्रीय विधायक पंकज सिंह कहते हैं कि सरकार जनता की आकांक्षाओं पर खरी उतर रही है। योगी आदित्यनाथ की सरकार भूमाफिया पर लगातार सख्ती कर रही है। कई जगहों पर अभियान चलाया जा रहा है। नोएडा प्राधिकरण सरकार के एजेंडे पर काम कर रही है। नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी का कहना है कि प्रत्येक गांव में सर्वे कर जमीन चिह्न्ति की जा चुकी है। यह जमीन प्राधिकरण की अधिसूचित क्षेत्र में आती है। यमुना डूब क्षेत्र में फार्म हाउस के रूप में पक्का निर्माण नियम विरुद्ध है। इसलिए कार्रवाई हो रही है। यह निरंतर जारी रहेगी।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article