32.8 C
Dehradun

लापता एसडीएम आखिरकार तीन दिन बाद अपने आवास पर पहुंचे, पीजीआई चंडीगढ़ में लिया था अप्वाइंमेंट

Must read

चंपावत : चंपावत सदर के लापता एसडीएम सदर अनिल चन्याल आखिरकार तीन दिन बाद सकुशल बुधवार को दस बजे चंपावत पूल्ड आवास स्थित अपने आवास पर पहुंच गए। मंगलवार को पुलिस व प्रशासन की टीम उन्हे लेने गई थी। टीम को वह हरिद्वार में मिले।

पीजीआई चंडीगढ़ में लिया था अप्वाइंमेंट

आवास में दैनिक जागरण से बातचीत में उन्होंने कहा की उनके गले में इन्फेक्शन हो गया है। दर्द होने के कारण दिखाने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ में अप्वाइंमेंट लिया था। आज यानी बुधवार को उन्हें दिखाना था। इसके लिए उन्होंने 15 दिन के उपार्जित अवकाश के लिए प्रार्थना पत्र भी दिया था। लेकिन अवकाश स्वीकृत होने से पूर्व उन्हें अचानक जाना पड़ा।

कमरे में छूट गया था मोबाइल

एसडीएम सदर अनिल चन्याल सोमवार को सुबह यहां से प्राइवेट टैक्सी से टनकपुर गए। जिसके बाद वोल्वो बस से चंडीगढ़ गए। जाते वक्त धोखे से अपना निजी फोन ले जाना भूल गए। वह कमरे में ही छूट गया। जिस कारण वह किसी को बता नहीं पाए। पर्स में दूसरा नंबर का सिम था। नया फोन खरीदने के बाद सिम डाला तो पुलिस का फोन आ गया। जिसके बाद मैंने सबको जानकारी दी। मैं ठीक हूं। डीएम के कहने के बाद में बगैर दिखाए चंपावत आ गए।

रविवार तक चंपावत में थी लोकेशन

एसडीएम सदर अनिल चन्याल बीती रविवार 11 सितंबर को करीब 11 बजे छतार के पास स्थित किराना की दुकान पर सामान लेने सरकारी वाहन से स्वयं चलाकर आए थे। शनिवार को उन्होंने अपने सभी स्टॉफ को छुट्टी दे दी थी और उनसे कहा था कि जब कॉल करूंगा तब आना। रविवार दो बजे तक एसडीएम की लोकेशन चंपावत में थी।

सोमवार को लापता होने का पता चला

सोमवार को कार्यालय खुलने पर जब वह कार्यालय नहीं पहुंचे और कुक ने उनके आवास ताला देखा तो अधिकारियों को इसकी सूचना दी। सूचना पर डीएम नरेंद्र सिंह भंडारी समेत अन्य अधिकारी उनके आवास पर पहुंचे तो जांच की। जहां पर एसडीएम का सरकारी मोबाइल फोन व एक पर्ची पर मिली। पर्ची में लिखा था यह फोन आपदा में जमा करा देना।

दर्ज कराई थी एसडीएम की गुमशुदगी

एसडीएम के लापता होने पर उनके पीआरडी जवान ने कोतवाली में एसडीएम की गुमशुदगी दर्ज कराई। एसडीएम सदर के अचानक लापता हो जाने पर जिला प्रशासन की सांसे अटक गई थी। अब वह सकुशल वापस आ गए। उन्हें लेने एसएसआई देवेंद्र नाथ गोस्वामी, पटवारी अमित, गए थे।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article