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भाजपा ने विपक्ष पर कसा तंज—’जो लोकतंत्र लिख नहीं सकते, वे सिखाने चले हैं’

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‘लोकतंत्र’ की गलत वर्तनी पर गरमाई सियासत 

नई दिल्ली। संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘लोकतंत्र’ शब्द की गलत वर्तनी को लेकर सियासी तकरार तेज हो गई है। भाजपा ने इस गलती पर विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि जिन्हें ‘लोकतंत्र’ लिखना नहीं आता, वे उसे बचाने की बातें कर रहे हैं।

गुरुवार को संसद भवन परिसर में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘लोकतंत्र’ की हिंदी में गलत वर्तनी वाले बैनर को लेकर भाजपा ने कांग्रेस समेत समूचे इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला। भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें यह शब्द तक सही से लिखना नहीं आता, वे लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

यह प्रदर्शन कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी दलों के कई नेताओं द्वारा किया गया था। प्रदर्शन का उद्देश्य बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के खिलाफ विरोध जताना था, जिसे विपक्ष मताधिकार छीनने की कोशिश बता रहा है।

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेता संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों पर कतार में खड़े होकर ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘वोटबंदी बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे, लेकिन उनके हाथ में जो बैनर था, उसमें ‘लोकतंत्र’ की वर्तनी गलत लिखी गई थी।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर उस तस्वीर को पोस्ट करते हुए कटाक्ष किया, “यह लोकतंत्र है?” और तंज कसा कि जिन्हें लिखना नहीं आता, वे लोकतंत्र सिखा रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस न तो लोकतंत्र लिख सकती है और न ही उसे बचा सकती है। उन्हें बस परिवारवाद और आपातकाल में विश्वास है।”

इस बीच, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ संसद के भीतर और बाहर एसआईआर के खिलाफ आक्रामक नजर आ रहा है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में छेड़छाड़ कर रहा है, जिससे कुछ वर्गों को मताधिकार से वंचित किया जा सके।

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