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मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के बीच पहुंचकर पोछे आंसू, कहा – पूरा राज्य आपके साथ खड़ा

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पौड़ी गढ़वाल के आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचे सीएम धामी

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित लोगों से मिलकर, हर संभव सहायता का दिया आश्वासन

टूटे और पथरीले रास्ते भी नहीं रोक पाए मुख्यमंत्री के कदम

दुःख की इस घड़ी में मुख्यमंत्री को अपने बीच देखकर जनता का मनोबल बढ़ा, दिया धन्यवाद

आपदा आने के 24 घंटे के भीतर क्षेत्र में पहुंचे सीएम धामी

पौड़ी: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को पौड़ी जनपद के आपदाग्रस्त क्षेत्र सैंजी का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आपदा प्रभावित ग्रामीणों से उनका हालचाल पूछते हुए क्षति की जानकारी ली। उन्होंने प्रभावितों के आंसू पूछते हुए आश्वस्त किया कि सरकार हर समय उनके साथ हैं। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिये कि आपदा प्रभावितों को राहत पहुंचाने में किसी प्रकार की कमी न हो। इससे पूर्व उन्होंने हेलीकाप्टर से थलीसैंण तहसील के बांकुड़ा सहित अन्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।

विगत दिनों हुई अतिवृष्टि से जनपद में जान माल की हानि हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित धराली क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत सीधे पौड़ी जिले के आपदा प्रभावितों के बीच पहुंचे। हेलीकाप्टर से भरसार हैलीपैड में उतरने के बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से आपदा प्रभावित क्षेत्र की ओर रवाना हुए।

मुख्यमंत्री ने नौठा में बुराँसी के आपदा प्रभावित और अन्य ग्रामीणों से मुलाक़ात की। इस दौरान उन्होंने बुराँसी के पांच आपदा प्रभावितों को राहत राशि के चेक दिये।
इसके बाद मुख्यमंत्री ने सैंजी गांव में पैदल ही क्षतिग्रस्त रास्ते से गुजरते हुए आपदा प्रभावित परिवारों के घर जाकर उनसे मुलाकात की तथा आपदा से हुई क्षति का जायजा लिया। इस दौरान प्रभावित परिवारों ने मुख्यमंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराया और त्वरित गति से राहत कार्य हेतु धन्यवाद दिया। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ लोगों ने प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थलों पर शरण ली है।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रभावित महिलाओं के आंसू पोछते हुए उनका ढाँढस बांधा और कहा कि आपदा की इस घड़ी में कोई भी खुद को अकेला न समझे, पूरा राज्य पीड़ितों के साथ खड़ा है। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देश दिए कि प्रभावितों के पुनर्वास एवं विस्थापन की कार्यवाही त्वरित गति से की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिवृष्टि से हुई क्षति का आकलन करवाए जाने के साथ साथ सर्वप्रथम ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जाने की कार्यवाही प्रारंभ की जाय। उन्होंने कहा कि प्रशासन तत्परता से लोगों की मदद करे, जिससे जनजीवन सामान्य हो सके। साथ ही कहा कि वाडिया इंस्टीट्यूट को सर्वे करने के लिए कहा जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष ध्यान देते हुए निर्देश दिए कि गांव में स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल मेडिकल यूनिट्स नियमित रूप से भ्रमण करें, ताकि बीमार, वृद्धजनों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा विशेष रूप से प्रभावित व्यक्तियों को चिकित्सकीय परामर्श और उपचार समय से मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक उपचार किट और चिकित्सकीय स्टाफ की उपलब्धता हर समय सुनिश्चित की जाए।

कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने मा. मुख्यमंत्री का धन्यवाद करते हुए कहा कि पुनर्वास के लिए एक समिति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों के दुकानों मकानों को क्षति पहुंची है, उनके लिए प्राथमिकता से प्रयास किए जाएंगे।

जिला प्रशासन की ओर से मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि क्षेत्र में प्रभावित परिवारों की सूची तैयार कर ली गई है तथा राहत सामग्री और धनराशि वितरित की जा रही है। जिलाधिकारी ने बताया कि हर गांव तक प्रशासन की टीम पहुंच रही है और किसी को भी राहत से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा।

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