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ट्रंप की ईरान घोषणा और ‘इनसाइडर’ ट्रेडिंग का शक

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एक ऐसी घटना में जिसने वैश्विक वित्तीय नियामक हलकों में हलचल मचा दी है, यह संकेत मिले हैं कि वॉल स्ट्रीट के कुछ चुनिंदा व्यापारियों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान के साथ “पांच दिवसीय विंडो” की घोषणा की खबर पहले से ही थी।

ट्रंप द्वारा ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट किए जाने से ठीक 15 मिनट पहले बाजार की ट्रेडिंग वॉल्यूम में अचानक आए उछाल ने प्रशासन के भीतर सूचना सुरक्षा और हाई-फ्रेंडली ट्रेडिंग (HFT) की अखंडता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बाजार की असामान्य हलचल

सोमवार सुबह न्यूयॉर्क में, बाजार सामान्य रूप से सुस्त था। लेकिन सुबह 6:50 बजे (स्थानीय समय), S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर्स और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स में अचानक भारी खरीद-बिक्री देखी गई। यह हलचल ट्रंप के सुबह 7:05 बजे के उस पोस्ट से ठीक पहले हुई, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि अमेरिका और ईरान के बीच पिछले दो दिनों से बातचीत चल रही है।

राष्ट्रपति ने अपने पोस्ट में कहा था कि उन्होंने “युद्ध विभाग” (Department of War) को ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के खिलाफ सभी सैन्य हमलों को स्थगित करने का निर्देश दिया है।

बाजार का उतार-चढ़ाव: $100 के नीचे पहुंचा ब्रेंट

इस घोषणा का असर तत्काल और व्यापक था। डॉव फ्यूचर्स 1,200 अंक उछल गया और S&P 500 में 2.5% की तेजी आई। दूसरी ओर, तेल की कीमतों में 14% तक की भारी गिरावट आई। लगभग दो हफ्तों में पहली बार ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल के स्तर से नीचे गिर गया। हालांकि, जब ईरान ने आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी भी बातचीत से इनकार किया, तो बाजार की यह बढ़त आधी रह गई।

विशेषज्ञों का विश्लेषण

एवरकोर (Evercore) के कृष्णा गुहा ने कहा, “यह बताना असंभव है कि क्या यह वास्तविक कूटनीतिक प्रगति है या युद्ध से बचने का एक बहाना। हालांकि, बाजार की प्रतिक्रिया बताती है कि निवेशक राहत के लिए बेताब हैं।”

वहीं, सिटाडेल सिक्योरिटीज (Citadel Securities) ने कहा कि यदि भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो बाजार में बड़ी तेजी की संभावनाएं अधिक हैं, क्योंकि इस समय S&P 500 पर रिकॉर्ड स्तर की ‘शॉर्ट पोजीशन’ (बिकवाली का दबाव) बनी हुई है।

निष्कर्ष

मॉर्गन स्टेनली (Morgan Stanley) की एक इकाई ने चेतावनी दी है कि बाजार में किसी भी स्थायी सुधार के लिए केवल सोशल मीडिया पोस्ट काफी नहीं है, बल्कि जमीन पर ठोस भू-राजनीतिक बदलाव की आवश्यकता है। जबकि नियामक संस्थाओं ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, सुबह 6:50 बजे की ट्रेडिंग गतिविधि ने ‘इनसाइडर ट्रेडिंग’ के संदेह को गहरा कर दिया है।

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