35 C
Dehradun

कोल इंडिया का बड़ा फैसला

Must read

सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने अपने कॉरपोरेट ढांचे को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, CIL सोलर PV लिमिटेड (CIL Solar PV Limited) को आधिकारिक रूप से भंग कर दिया है। यह कार्रवाई कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) से औपचारिक “स्ट्राइक-ऑफ” (Strike-off) नोटिस मिलने के बाद की गई है।

यह विघटन 11 मई 2026 से प्रभावी हो गया है। साल 2021 में अपनी स्थापना के बाद से ही यह सहायक कंपनी गैर-परिचालन (Non-operational) रही थी, जिसके कारण मंत्रालय ने इसके नाम को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) से हटाने का फैसला किया।

कानूनी आधार: कंपनी अधिनियम की धारा 248 के तहत कार्रवाई

CIL सोलर PV लिमिटेड को बंद करने की प्रक्रिया कंपनी अधिनियम, 2013 के कड़े नियामक ढांचे के तहत पूरी की गई है। मुख्य रूप से, यह विघटन धारा 248(2) और 248(5) के तहत किया गया है। यह कानून रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) को उन कंपनियों का नाम हटाने का अधिकार देता है जो कोई व्यवसाय या परिचालन नहीं कर रही हैं।

नियमक कार्रवाई की समयरेखा इस प्रकार रही:

  • 20 अप्रैल 2026: RoC ने प्रारंभिक स्ट्राइक-ऑफ नोटिस (STK-6) जारी किया था।

  • 11 मई 2026: MCA ने अंतिम नोटिस (STK-7/001155/2026) जारी किया, जिससे कंपनी का अस्तित्व समाप्त हो गया।

  • 12 मई 2026: कोल इंडिया लिमिटेड को यह नोटिस प्राप्त हुआ, जिसके बाद आधिकारिक तौर पर सहायक कंपनी के विघटन की पुष्टि की गई।

विघटन का कारण: क्यों बंद हुई यह सहायक कंपनी?

CIL सोलर PV लिमिटेड की स्थापना 16 अप्रैल 2021 को की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य कोल इंडिया को सोलर फोटोवोल्टिक (PV) वैल्यू चेन में एक बड़ी ताकत बनाना था। यह कंपनी सौर पैनलों के निर्माण और बड़े सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को संभालने के लिए बनाई गई थी।

हालांकि, स्थापना के बाद से ही कंपनी कोई भी व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने में विफल रही। कॉरपोरेट फाइलिंग के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में इस सहायक कंपनी ने कोई राजस्व उत्पन्न नहीं किया। 2024 के अंत में, कोल इंडिया के निदेशक मंडल (Board of Directors) ने इसकी समीक्षा की और निष्कर्ष निकाला कि गैर-परिचालन सहायक कंपनी को चालू रखना केवल एक प्रशासनिक बोझ है।

कोल इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया: “CIL सोलर PV लिमिटेड को भंग करना प्रशासनिक दक्षता की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है। हम अपने नेट-जीरो लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध हैं, लेकिन हम अपने आंतरिक ढांचे को इस तरह से सुधार रहे हैं कि हर सहायक कंपनी हरित ऊर्जा की दिशा में ठोस योगदान दे सके।”

कोल इंडिया की नई रणनीति

CIL सोलर PV लिमिटेड का बंद होना यह संकेत नहीं देता कि कोल इंडिया सौर ऊर्जा के क्षेत्र से पीछे हट रही है। इसके विपरीत, यह कंपनी की रणनीति में बदलाव को दर्शाता है। कोल इंडिया अब अपना ध्यान कई छोटी और निष्क्रिय सहायक कंपनियां बनाने के बजाय अपने सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स को मुख्य परिचालन या CIL नविकरणीय ऊर्जा लिमिटेड जैसी अधिक सक्रिय शाखाओं के तहत समेकित (Consolidate) करने पर दे रही है।

दुनिया की सबसे बड़ी कोयला खनन कंपनी होने के नाते, कोल इंडिया पर अपने कोयला उत्पादन और हरित ऊर्जा लक्ष्यों के बीच संतुलन बनाने का दबाव है। कंपनी ने 2024-25 तक ‘नेट जीरो’ बनने का लक्ष्य रखा है। इस सहायक कंपनी का बंद होना बताता है कि कोल इंडिया अब केवल कागजी ढांचे बनाने के बजाय जमीनी स्तर पर प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन को प्राथमिकता दे रही है।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article