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कम खाना खाने के बावजूद क्यों बढ़ता है वजन? रोटी नहीं, ये आदतें हो सकती हैं जिम्मेदार

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अगर वजन घटाने की कोशिश के बावजूद आपका वजन कम होने के बजाय बढ़ रहा है, तो इसकी वजह सिर्फ यह नहीं हो सकती कि आपने कितनी रोटियां खाईं। कई बार हम खाने की मात्रा पर तो नजर रखते हैं, लेकिन खाने के साथ ली जाने वाली दूसरी चीजों, शारीरिक गतिविधि, नींद और तनाव जैसी आदतों को नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में कम खाना खाने के बावजूद शरीर का वजन बढ़ सकता है। आइए जानते हैं वे कौन-से कारण हैं, जिन पर वजन कम करते समय ध्यान देना जरूरी है।

दो रोटी खाने के बाद भी वजन क्यों बढ़ सकता है?

रोटी की संख्या कम करना अपने आप में वजन घटाने की गारंटी नहीं है। भोजन में इस्तेमाल होने वाला तेल, घी, मक्खन, दही, अचार, मिठाई और अन्य चीजें भी कुल कैलोरी बढ़ा सकती हैं। वजन में बदलाव मुख्य रूप से पूरे दिन की कुल कैलोरी खपत और शरीर द्वारा खर्च की जाने वाली ऊर्जा के संतुलन पर निर्भर करता है।

चाय और छोटे स्नैक्स भी डाल सकते हैं असर

कई बार मुख्य भोजन सीमित होता है, लेकिन दिनभर चाय, बिस्किट, नमकीन, जूस, मीठे पेय या दूसरे स्नैक्स लेते रहने से अतिरिक्त कैलोरी शरीर में पहुंचती रहती है। ये चीजें मात्रा में छोटी होती हैं, लेकिन बार-बार खाने पर इनका कुल असर काफी हो सकता है। इसलिए कुछ दिनों तक अपनी पूरी दिनचर्या और खान-पान का रिकॉर्ड रखना मददगार हो सकता है।

कम शारीरिक गतिविधि भी बन सकती है वजह

अगर आपका काम ज्यादातर बैठकर होता है और रोजाना चलना-फिरना या व्यायाम बहुत कम है, तो शरीर की ऊर्जा खपत भी कम हो सकती है। लंबे समय तक ऑफिस में बैठे रहना, लगातार मोबाइल या टीवी देखना और रोजाना कम कदम चलना वजन बढ़ने में योगदान दे सकता है।

नींद का बिगड़ा हुआ पैटर्न भी महत्वपूर्ण

वजन प्रबंधन में नींद की भूमिका को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार कम नींद लेने से भूख और पेट भरा होने की अनुभूति को नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं। इसके चलते कुछ लोगों में ज्यादा खाने या मीठे और अधिक कैलोरी वाले खाद्य पदार्थों की इच्छा बढ़ सकती है।

तनाव में बढ़ सकती है खाने की इच्छा

लगातार तनाव रहने पर कुछ लोगों का खान-पान प्रभावित हो जाता है। तनाव के दौरान मीठी चीजें, तला-भुना खाना या जंक फूड खाने की इच्छा बढ़ सकती है। अगर तनाव से निपटने के लिए बार-बार खाने की आदत बन जाए, तो इसका असर वजन पर पड़ सकता है।

थायरॉयड की समस्या को भी न करें नजरअंदाज

अगर वजन बढ़ने के साथ थकान, ठंड अधिक लगना, कब्ज, त्वचा का रूखा होना या बाल झड़ने जैसी परेशानियां भी लगातार बनी हुई हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना उचित है। कुछ मामलों में थायरॉयड की समस्या मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकती है और वजन में बदलाव से जुड़ी हो सकती है।

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है?

यदि वजन बिना किसी स्पष्ट वजह के लगातार बढ़ रहा है या इसके साथ अत्यधिक थकान, शरीर में सूजन, सांस फूलना, कब्ज, ठंड अधिक लगना जैसे लक्षण भी दिखाई दे रहे हैं, तो विशेषज्ञ से परामर्श लेना बेहतर है। वजन कम करने के लिए केवल भोजन की मात्रा घटाने के बजाय संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन पर भी ध्यान देना जरूरी है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, लगातार वजन बढ़ने या अन्य लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।

(साभार)

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