27 C
Dehradun

पुरोला लव जिहाद में कम नहीं हुई टेंशन, महापंचायत टली, लोगों का गुस्सा बरकार

Must read

उत्तरकाशी, पुरोला में वीरवार को होने वाली महापंचायत को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा गतिरोध फिलहाल खत्म हो गया है। सुप्रीम कोर्ट और नैनीताल हाई कोर्ट तक मामला पहुंचने के साथ ही प्रशासन की सख्ती के बाद आयोजकों ने महापंचायत स्थगित कर दी।

हालांकि, बजरंग दल के नगर अध्यक्ष रमेश थपलियाल ने आरोप लगाया कि प्रशासन की दमनकारी नीतियों के कारण उन्हें ऐसा करना पड़ रहा है। यह भी आरोप लगाया कि महापंचायत के संयोजकों को दिन में ही नजरबंद कर दिया गया था। कहा कि, आने वाले दिनों में महापंचायत का आयोजन किया जाएगा।

महापंचायत को देखते हुए सुरक्षा थी पुख्ता

महापंचायत टलने से सरकार और उत्तरकाशी जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है। इससे पहले पुरोला में निषेधाज्ञा लागू करने के साथ ही पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। चार स्थानों पर नाकेबंदी कर महापंचायत करने आने वालों को रोकने का प्रबंध भी किया गया था। निषेधाज्ञा के विरोध में व्यापारियों ने अनिश्चितकालीन बाजार बंदी का ऐलान किया है।

मुस्लिम युवकों द्वारा नाबालिग को भगाने का था मामला

26 मई को पुरोला क्षेत्र की एक नाबालिग को भगाने के आरोप में मुस्लिम युवक और उसके दोस्त को पकड़े जाने के बाद से विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और स्थानीय व्यापारी मुस्लिम व्यापारियों के विरुद्ध मोर्चा खोले हुए हैं। उन्हें दुकानें खाली करने को कहा गया है। कुछ मुस्लिम व्यापारी अपना सामान समेट कर जा चुके हैं, जबकि कुछ की दुकानें अभी बंद हैं। इन्हें खाली कराने को लेकर वीरवार को महापंचायत आहूत की गई थी। इसको लेकर कई दिनों से गतिरोध बना हुआ है। इस बीच मुस्लिम संगठनों ने भी प्रतिक्रिया स्वरूप देहरादून में महापंचायत बुला ली थी। इस घटनाक्रम के चलते सरकार की परेशानी बढ़ गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने किया था सुनवाई से इनकार

बुधवार को यह मामला सुबह सुप्रीम कोर्ट और उसके बाद नैनीताल हाईकोर्ट जा पहुंचा। ‘एसोसिएशन फॉर द प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स’ की तरफ से अधिवक्ता एस. आलम ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर महापंचायत पर रोक लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना राज्य की जिम्मेदारी है। हाई कोर्ट इस मामले की सुनवाई में समर्थ है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर याचिकाकर्ता ने नैनीताल हाईकोर्ट में दस्तक दी।

आज हो सकती है हाईकोर्ट में सुनवाई

अधिवक्ता एस. आलम ने बुधवार दोपहर मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया और तत्काल सुनवाई की मांग की। याचिका में कहा गया कि महापंचायत से माहौल बिगड़ सकता है। इससे सांप्रदायिक तनाव भी पैदा हो सकता है, लिहाजा इस पर रोक लगाई जानी चाहिए। हाईकोर्ट में इस प्रकरण पर वीरवार को सुनवाई हो सकती है।

आज लागू रहेगी निषेधाज्ञा

जिलाधिकारी अभिषेक रुहेला ने कहा कि पुरोला में वीरवार को भी निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इसके बाद माहौल को देखते हुए निषेधाज्ञा लागू रखने या हटाने का निर्णय लिया जाएगा। इधर, दिनभर चले घटनाक्रमों के बाद पुलिस-प्रशासन ने पुरोला में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक एडिशनल एसपी, दो पुलिस उपाधीक्षक के साथ 300 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती दिन में ही कर दी थी। शाम को बाजार में फ्लैग मार्च भी निकाला गया।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article