28.3 C
Dehradun

ट्रंप ने ईरान को फिर दी धमकी , बोले- समझौते का ये आखिरी मौका

Must read

अमेरिका-ईरान तनाव बरकरार

वाशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच बातचीत जल्द किसी अहम नतीजे तक पहुंच सकती है। ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त रुख दोहराते हुए कहा कि तेहरान के पास समझौते का यह अंतिम अवसर है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी तरह की बातचीत से इनकार किया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ चल रहे विवाद के समाधान की दिशा में प्रगति हो रही है और आने वाले दिनों में स्थिति स्पष्ट हो सकती है। उन्होंने कहा कि फिलहाल प्राथमिकता होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य आवाजाही बहाल करना है, जबकि इसके बाद परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका का रुख परमाणु हथियारों को लेकर बिल्कुल स्पष्ट है। उनके मुताबिक, ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने कहा कि यदि तेहरान समझौते के लिए आगे नहीं आता, तो उसके पास विकल्प बेहद सीमित रह जाएंगे। ट्रंप ने इसे ईरान के लिए “बेहतर समझौते का आखिरी मौका” भी बताया।

हालांकि, ट्रंप के इन दावों के विपरीत ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार की वार्ता होने से साफ इनकार कर दिया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि न तो किसी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करने की कोई योजना है और न ही किसी तरह की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष बातचीत जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल दोनों देशों के बीच संवाद की कोई प्रक्रिया नहीं चल रही है।

इससे पहले भी ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ईरानी नेतृत्व से समझौता करने या फिर कड़े परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान सार्वजनिक तौर पर बातचीत से इनकार कर रहा है, जबकि पर्दे के पीछे समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है।

ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह समुद्री मार्ग वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और इसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अमेरिका की प्राथमिकता है। ट्रंप के अनुसार, इस क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों पर अमेरिका की मजबूत निगरानी बनी हुई है और भविष्य की रणनीति भी इसी आधार पर तय की जाएगी।

दूसरी ओर, ईरान लगातार यह दोहरा रहा है कि वह किसी दबाव में बातचीत नहीं करेगा। ऐसे में दोनों देशों के विरोधाभासी बयानों के बीच यह देखना अहम होगा कि आने वाले दिनों में कूटनीतिक स्तर पर कोई नई पहल होती है या तनाव और बढ़ता है।

- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article