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पूर्वोत्तर भारत में मानसून बना मुसीबत, जनजीवन अस्त-व्यस्त, लाखों लोग प्रभावित

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1,494 गांव बाढ़ की चपेट में, 14,977 हेक्टेयर फसल नष्ट

नई दिल्ली। पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में जारी भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। असम में हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं, जहां ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। कछार जिले में बराक नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। राज्य के 21 जिलों में करीब सात लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं और 1,494 गांव प्रभावित हुए हैं।

सिक्किम में राहत की रफ्तार
उत्तर सिक्किम में मौसम कुछ साफ होते ही राहत कार्यों में तेजी लाई गई। सेना और वायुसेना के सहयोग से 199 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिनमें दो अमेरिकी नागरिक भी शामिल हैं। राहत सामग्री भी हेलीकॉप्टरों के जरिए दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचाई गई है।

असम में 19 मौतें, हजारों खेत और पशुधन प्रभावित
राज्य सरकार के अनुसार अब तक बाढ़ और भूस्खलन से 19 लोगों की मौत हो चुकी है। कछार में एक व्यक्ति लापता है। 14,977 हेक्टेयर कृषि भूमि बर्बाद हो चुकी है और 5.15 लाख से अधिक मवेशी प्रभावित हुए हैं। 405 राहत शिविरों में अब तक 41,000 से ज्यादा लोग शरण ले चुके हैं।

मणिपुर में आंशिक राहत, फिर भी हालात चिंताजनक
मणिपुर में बारिश की तीव्रता घटने के बाद जलस्तर में कुछ गिरावट आई है, लेकिन इंफाल, कोंगबा और नम्बुल नदियों के तेज बहाव से कई तटबंध टूट गए हैं। 1.65 लाख लोग प्रभावित हैं और 35,000 से अधिक घर क्षतिग्रस्त हुए हैं। असम राइफल्स और सेना की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।

अरुणाचल में आपदा गहराई
अरुणाचल प्रदेश के 24 जिलों में बाढ़ से 33,000 से अधिक लोग परेशान हैं। इस मानसून में राज्य में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है और दो लोग लापता हैं। 214 गांवों में तबाही फैली है और सैकड़ों घरों व पशुओं को नुकसान पहुंचा है।

राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ से बारिश
राजस्थान में भी पश्चिमी विक्षोभ के चलते कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। पिलानी में सबसे अधिक 36.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई जबकि बाड़मेर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

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