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बार-बार फूल रही है सांस तो न करें नजरअंदाज, दिल से लेकर फेफड़ों तक इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

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सीढ़ियां चढ़ते ही सांस फूलना, थोड़ी दूर चलते ही हांफने लगना या सामान्य काम करने के बाद भी सांस लेने में परेशानी होना कई लोग थकान समझकर टाल देते हैं। खासकर कम उम्र में ऐसी समस्या होने पर इसे फिटनेस की कमी या कमजोरी से जोड़ दिया जाता है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार लगातार या असामान्य तरीके से सांस फूलना शरीर में किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। इसकी वजह केवल फेफड़ों से जुड़ी बीमारी ही नहीं, बल्कि हृदय संबंधी परेशानी, खून की कमी या अन्य गंभीर स्थितियां भी हो सकती हैं।

मेडिकल भाषा में सांस फूलने की समस्या को डिस्प्निया कहा जाता है। तेज दौड़ने, व्यायाम करने या अधिक मेहनत के बाद कुछ समय के लिए सांस तेज होना सामान्य है। लेकिन यदि बिना ज्यादा मेहनत के ही सांस फूलने लगे, थोड़ी दूरी चलने पर परेशानी होने लगे या आराम करते समय भी सांस लेने में दिक्कत महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आखिर क्यों फूलती है सांस?

सांस फूलना अपने आप में कोई बीमारी नहीं, बल्कि शरीर में किसी गड़बड़ी का संकेत हो सकता है। शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए फेफड़े, हृदय, रक्त और मांसपेशियां मिलकर काम करते हैं।

फेफड़े हवा से ऑक्सीजन लेकर उसे रक्त तक पहुंचाते हैं। इसके बाद लाल रक्त कोशिकाएं ऑक्सीजन को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ले जाती हैं और हृदय इस रक्त को पूरे शरीर में पंप करता है। इस प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर समस्या आने पर शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।

दिल की बीमारी का भी हो सकता है संकेत

सांस फूलने को केवल फेफड़ों की समस्या मानना सही नहीं है। कई हृदय रोगों में भी यह शुरुआती लक्षण के रूप में सामने आ सकता है। यदि हृदय की पंपिंग क्षमता कमजोर हो जाए या हृदय की मांसपेशियों तक पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन न पहुंच पाए, तो शरीर की जरूरत पूरी करने में परेशानी होती है और सांस फूल सकती है।

कोरोनरी आर्टरी डिजीज में हृदय तक रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में वसा और कोलेस्ट्रॉल जमा होने से उनका रास्ता संकरा हो सकता है। इससे हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती और शारीरिक गतिविधि के दौरान सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है।

इसके अलावा हार्ट वाल्व की बीमारी में भी सांस फूलना देखा जा सकता है। हृदय के वाल्व रक्त को सही दिशा में प्रवाहित करने में मदद करते हैं। वाल्व के संकरे होने या सही तरीके से बंद न होने पर हृदय को रक्त पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है, जिससे सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

अस्थमा और सीओपीडी भी हो सकते हैं जिम्मेदार

सांस फूलने के प्रमुख कारणों में अस्थमा भी शामिल है। इसमें वायुमार्ग में सूजन और संकुचन हो सकता है, जिससे फेफड़ों में हवा का आवागमन प्रभावित होता है। इसके चलते सांस फूलने के साथ घरघराहट, खांसी और सीने में जकड़न जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

धूल, धुआं, परागकण, ठंडी हवा, एलर्जी या वायरल संक्रमण जैसी स्थितियां अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकती हैं।

वहीं क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (सीओपीडी) में वायुमार्ग और फेफड़ों की कार्यक्षमता धीरे-धीरे प्रभावित होती है। इसमें लंबे समय तक खांसी, बलगम, सांस फूलना और मामूली शारीरिक गतिविधि के बाद भी थकान जैसी शिकायत हो सकती है।

खून की कमी से भी हो सकती है सांस फूलने की परेशानी

हर बार सांस फूलने की वजह हृदय या फेफड़ों की बीमारी नहीं होती। एनीमिया भी इसका एक कारण हो सकता है। शरीर में हीमोग्लोबिन कम होने पर रक्त पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन को शरीर के अंगों तक नहीं पहुंचा पाता।

ऐसे में शरीर ऑक्सीजन की कमी पूरी करने के लिए तेजी से सांस लेने की कोशिश करता है। यही वजह है कि एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति को सामान्य काम करने, पैदल चलने या सीढ़ियां चढ़ने के दौरान भी सांस फूलने की शिकायत हो सकती है।

फेफड़ों में खून का थक्का पहुंचना भी गंभीर स्थिति

पल्मोनरी एम्बोलिज्म एक गंभीर स्थिति है, जिसमें शरीर की किसी नस में बना रक्त का थक्का टूटकर फेफड़ों की रक्त वाहिका तक पहुंच सकता है। इससे फेफड़ों में रक्त का प्रवाह प्रभावित हो सकता है।

इस स्थिति में अचानक सांस फूलना, सीने में दर्द और दिल की धड़कन तेज होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे लक्षण अचानक सामने आएं तो इसे सामान्य थकान मानकर इंतजार करना उचित नहीं है और तत्काल चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

कब हो जाएं सतर्क?

अगर सांस फूलने की समस्या बार-बार हो रही है, पहले की तुलना में कम मेहनत पर ही सांस चढ़ने लगी है, आराम की स्थिति में भी सांस लेने में परेशानी होती है या इसके साथ सीने में दर्द, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी या दिल की धड़कन तेज होने जैसी समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मेडिकल जानकारियों और रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। सांस फूलने की समस्या के पीछे अलग-अलग कारण हो सकते हैं। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सकीय जांच और विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

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