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वन भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रकरणों में तेजी लाएं, विकास कार्यों में नहीं होनी चाहिए देरी: जिलाधिकारी

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तकनीकी कमियों से बचें, प्रतिपूरक वनीकरण के प्रस्ताव मानकों के अनुरूप तैयार करें: जिलाधिकारी

सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त प्रकरणों में तेजी लाने के निर्देश, संयुक्त निरीक्षण से लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर

पौड़ी- जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े लंबित वन भूमि हस्तांतरण प्रस्तावों की विभागवार समीक्षा करते हुए उनकी वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े प्रकरण सड़क, पेयजल, विद्युत, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों की प्रगति से सीधे जुड़े हैं। इसलिए जनहित एवं विकास कार्यों को गति देने के लिए इन मामलों का समयबद्ध निस्तारण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय समन्वय एवं नियमित समीक्षा के माध्यम से सभी लंबित प्रकरणों में तेजी लाई जाए तथा प्रत्येक स्तर पर लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास योजनाओं का लाभ जनता तक समय पर पहुंच पाए।

जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देशित किया कि प्रतिपूरक वनीकरण से संबंधित प्रकरणों में शासन एवं भारत सरकार द्वारा जारी नवीनतम दिशा-निर्देशों तथा निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूमि चयन, अभिलेखों की शुद्धता, राजस्व एवं वन विभाग के बीच समन्वय तथा आवश्यक औपचारिकताओं को समयबद्ध रूप से पूरा किया जाए, ताकि प्रस्तावों में किसी प्रकार की तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटि न रहे।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रतिपूरक वनीकरण हेतु प्रस्तावित भूमि सभी निर्धारित मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, जिससे प्रस्तावों के परीक्षण के दौरान भूमि अस्वीकृत होने की स्थिति उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण की गहन समीक्षा करते हुए आवश्यक दस्तावेजों एवं अभिलेखों का पूर्व सत्यापन कर लिया जाए तथा किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जाए, ताकि वन भूमि हस्तांतरण एवं विकास कार्यों से जुड़े मामलों का निस्तारण सुचारु एवं त्वरित रूप से किया जा सके।

बैठक में जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारियों, वन विभाग एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण से जुड़े वन भूमि हस्तांतरण मामलों को विशेष प्राथमिकता के साथ लिया जाए तथा जिन मामलों में स्थल निरीक्षण, अभिलेखों की पूर्ति अथवा अन्य तकनीकी औपचारिकताएं शेष हैं, उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि जिन प्रकरणों को सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है, उनमें आवश्यक औपचारिकताओं को शीघ्र पूर्ण करते हुए विधिवत स्वीकृति की कार्रवाई सुनिश्चित की जाय, ताकि संबंधित विकास कार्यों को धरातल पर आगे बढ़ाया जा सके।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि खंड स्तर पर कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि जिन विभागों अथवा अधिकारियों के स्तर पर मामले लंबित हैं, वे आवश्यक कार्रवाई करते हुए उन्हें शीघ्र अग्रसारित करें। यदि किसी प्रकरण में वन विभाग के नोडल अथवा उच्च स्तर पर कोई बाधा या लंबित कार्रवाई हो, तो उसकी सूचना तत्काल प्रभागीय वनाधिकारी एवं जिला कार्यालय को उपलब्ध करायी जाए, ताकि संबंधित स्तर पर प्रभावी पैरवी कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों की नियमित निगरानी एवं सतत फॉलो-अप करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि सभी लंबित मामलों को संबंधित उपजिलाधिकारियों के संज्ञान में लाकर उनकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न हो तथा विकास कार्यों को समय पर स्वीकृतियां प्राप्त हो सकें।

बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी गढ़वाल महातिम यादव, सिविल सोयम पवन नेगी, लोक निर्माण विभाग के विभिन्न खंडों के अधिशासी अभियंता, संबंधित विभागों के अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

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