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सीएम धामी ने दिए निर्देश- हेल्पलाइन 1905 पर आने वाली शिकायतों की संबंधित विभाग महीने में दो बार समीक्षा करें

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सीएम हेल्पलाइन 1905 पर अब 24 घंटे शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। पहले इस पर रात में शिकायत करने की सुविधा नहीं थी। वहीं, सीएम हेल्पलाइन ऐप को भी अपग्रेड कर दिया गया है। ऐप में अब लिखने के साथ बोलकर भी शिकायत रिकॉर्ड की जा सकेगी। आईटीडीए ने राज्य का प्रारूप तैयार कर दिया है, जिसकी मंगलवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुरुआत की।

सीएम हेल्पलाइन के उन्नतीकरण में रेटिंग शुरू की गई है। पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के आधार पर अब विभागों की टॉप-10 रेटिंग होगी, जिसे खुद सीएम अपने डैशबोर्ड पर देख सकेंगे। वह महीने के अंतिम सप्ताह में इसकी समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन 1905 पर आने वाली शिकायतों की संबंधित विभाग महीने में दो बार समीक्षा करें। फिर वह महीने के अंतिम सप्ताह में खुद समीक्षा करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन 1905 से लोगों को अधिक से अधिक जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि गुड गवर्नेंस हमारा उत्तरदायित्व है। इसके लिए जन समस्याओं का जिस स्तर पर समाधान होना चाहिए है, उसी स्तर पर हो जाए। यदि समाधान नहीं हो रहा है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।

तहसील और जिलों में जन समर्पण दिवस

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसील दिवसों का नियमित आयोजन हो। जनपद स्तर पर भी जिलाधिकारी प्रतिमाह जनसुनवाई करें। उन्होंने ये भी निर्देश दिए कि हर महीने के पहले एवं तीसरे मंगलवार को तहसील जन समर्पण दिवस का आयोजन किया जाए और चौथे मंगलवार को जिलाधिकारी जन समर्पण दिवस लगाकर जन समस्याओं का समाधान करें। सभी जन समस्याओं एवं जन शिकायतों को ऑनलाइन रजिस्टर किया जाए। जिन लोगों की समस्याओं का समाधान तहसील व जनपद स्तर पर नहीं हो पाएगा, उन समस्याओं को ही मुख्यमंत्री कार्यालय को संदर्भित किया जाए।

ये हुए बदलाव

– अब 100 अंकों का स्कोर कार्ड होगा। इसमें 70 प्रतिशत अंक संतोषजनक निस्तारण करने पर, 10 प्रतिशत अंक 36 दिन के भीतर निस्तारण करने पर, माइनस 10 प्रतिशत अंक 36 दिन से ऊपर होने पर और माइनस 10 प्रतिशत अंक एल-1 और एल-2 स्तर के अधिकारियों के शिकायत को न देखने पर होंगे। इन अंकों के आधार पर विभागों में टॉप-10 सकारात्मक प्रदर्शन और टॉप-10 नकारात्मक प्रदर्शन का ग्राफ मुख्यमंत्री कभी भी डैशबोर्ड पर देख सकेंगे।

– अब मोबाइल ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का इस्तेमाल होगा, जिससे वॉट्सएप चैटबॉट पर बातचीत की जा सकेगी। आप जो भी सवाल पूछेंगे, उसका स्वत: ही जवाब मिल जाएगा। शिकायत भी दर्ज हो जाएगी।

– हर शिकायत पर निस्तारण के बाद अधिकारी संबंधित शिकायतकर्ता से फीडबैक लेगा। यह फीडबैक ऑनलाइन दर्ज कराना होगा।

– शिकायतों को अब अधिकारी एक विभाग से दूसरे के ऊपर नहीं थोप सकेंगे। केवल दो विभागों तक ही शिकायत ट्रांसफर करने का अधिकार होगा।

-किस जिले में किस विभाग की सबसे ज्यादा शिकायतें हैं, उसे आईटीडीए निदेशक और मुख्यमंत्री देख सकेंगे। फिर उसी हिसाब से संबंधित जिलों को निर्देश जारी किए जा सकेंगे।

– अब 15 दिन में निस्तारण न होने पर एल-1 अधिकारी से शिकायत उनके उच्च एल-2 अधिकारी के पास नहीं जाएगी। इसके बाद एक कॉपी आला अधिकारी को अलर्ट करने के लिए जाएगी। यानी एल-1 अधिकारी को शिकायत का निस्तारण हर हाल में करना होगा।

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