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संगमनगरी प्रयागराज में भी उदयपुर घटना को लेकर पुलिस हाई अलर्ट मोड पर

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लखनऊ, राजस्थान के उदयपुर में मंगलवार को टेलर मास्टर कन्हैया लाल की नृशंस हत्या के बाद आरोपितों के वीडियो संदेश जारी करने के बाद से ही देश भर में माहौल में काफी गरमी है। लोग काफी आक्रोशित भी है। इन सबको देखते हुए देश की सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्य में पुलिस हाई अलर्ट पर है। मामला संप्रदाय विशेष से जुड़ा होने के कारण शुक्रवार को होने वाली जुमा की नमाज पर भी विशेष सतर्कता रहेगी।

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक डीएस चौहान ने बताया कि आगरा सहित उत्तर प्रदेश के कई जिलों की सीमाएं राजस्थान से मिलती हैं। उदयपुर की घटना को लेकर हम सतर्कता बरत रहें है। सभी जगह पर पुलिस जमीन पर मुस्तैद है। हमने इंटरनेट मीडिया पर भी नजर बना रखी है। हमने तय कर लिया है कि अगर कोई भी व्यक्ति शरारती और भड़काऊ पोस्ट करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

उदयपुर के कन्हैया लाल का सिर कलम करने वाला गौस मोहम्मद जिस संगठन दावत ए इस्लामी से जुड़ा है, उसका भारत के तीन में एक आफिस कानपुर के डिप्टी पड़ाव में है। तीन जून को कानपुर में हिंसा के बाद अब इस प्रकरण को लेकर भी पुलिस काफी सतर्क है। दावत ए इस्लामी के कानपुर के आफिस पर खुफिया निगाह लगी है। कानपुर के 50 हजार से अधिक लोग इस संगठन से जुड़े हैं। संवेदनशील मामला होने के कारण पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियों की निगाह भी कानपुर पर है।

उदयपुर से इनपुट मिलते ही कानपुर में सतर्कता बढ़ा दी गयी है। यहां पर पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने मातहतों के साथ बैठक भी की है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि कन्हैया लाल की हत्या करने वाले कानपुर में तो नहीं रुके थे। 2019 में सीएए हिंसा में एसआइटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में बताया था दावत ए इस्लामी के 50 हजार लोग कानपुर के जुड़े है। फिलहाल कानपुर में सतर्कता बढ़ा दी गई है और खुफिया को भी अलर्ट किया गया है।

संगमनगरी प्रयागराज में भी उदयपुर घटना को लेकर पुलिस अलर्ट मोड पर है। पुलिस की साइबर सेल की निगाह इंटरनेट मीडिया पर होने वाली पोस्ट पर भी है। पुलिस की 11 सदस्यीय टीम 24 घंटे व्हाट्सअप, फेसबुक, तथा इंस्ट्राग्राम व ट्विटर पर पोस्ट होने वाले मैसेज पर निगाह रखे है। आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने तथा अभद्र टिप्पणी करने के मामले में नवाबगंज थाने में कल एक केस दर्ज किया गया है। दस जून की हिंसा के बाद से ही यहां पर पीएसी की भी टीम गश्त पर लगी है।

किसी भी प्रकार के जुलूस पर प्रतिबंध : उदयपुर में मंगलवार को कन्हैया लाल की हत्या के बाद से देश भर में तनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में इस घटना की आड़ में किसी भी प्रकार का जुलूस निकालना प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस दौरान किसी भी धार्मिक स्थल से कोई छेड़छाड़ न हो इसे सुनिश्चित कराया जा रहा है। प्रदेश में हर संवेदनशील इलाकों में पुलिस ने गश्त बढ़ा दिया है। अमन-चैन बिगाडऩे वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कोई भी संगठन यदि ज्ञापन देना चाहता है तो उसके आफिस में पुलिस अधिकारी पहुंचकर ज्ञापन लेंगे। कोई भी व्यक्ति गड़बड़ी करता है तो उसके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी को कोई दिक्कत है तो वो जिलों के संबंधित पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन दे सकते हैं। यदि कोई वैमनस्यता फैलाई जाती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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