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परिवहन निगम ने ड्राइवरों के लिए हमसफर ऐप लांच किया, सीएम धामी ने तीन एप किए लॉन्च

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उत्तराखंड में चालान के प्रशमन शुल्क सहित परिवहन विभाग की छह सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं। इसके साथ ही परिवहन निगम के तीन मोबाइल एप भी लॉन्च हो गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इनका शुभारंभ किया।

परिवहन विभाग की यह सेवाएं हुईं ऑनलाइन

ऑनलाइन टैक्स भुगतान : स्टेज कैरिज वाहनों के टैक्स पहले कार्यालय में जमा होते थे लेकिन अब परिवहन वेबसाइट के माध्यम से कहीं से भी ऑनलाइन टैक्स जमा करा सकेंगे।
चालान प्रशमन शुल्क : अभी तक चालान की फीस दफ्तरों में जमा होती थी लेकिन अब परिवहन विभाग की ई-चालान वेबसाइट के माध्यम से सीधे ऑनलाइन जमा करा सकेंगे।

अस्थायी परमिट ऑनलाइन : परिवहन विभाग के अस्थायी परमिट लेने के लिए अभी तक आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता था लेकिन अब ऑनलाइन आवेदन व शुल्क भुगतान होगा। ऑनलाइन स्क्रूटनी, अनुमोदन व परमिट डाउनलोड कर सकेंगे।
ऑनलाइन कांट्रेक्ट कैरिज परमिट : संभागीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से अब कांट्रेक्ट कैरिज परमिट का आवेदन ऑनलाइन कर सकेंगे और शुल्क भी ऑनलाइन जमा करा सकेंगे। यह परमिट भी ऑनलाइन ही मिलेंगे।
वाहनों के पंजीकरण : अभी तक निजी वाहनों का पंजीकरण डीलर प्वाइंट पर डाटा एंट्री, डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद ऑनलाइन फीस व टैक्स जमा होती थी। इसके बाद डीलर को पूरे कागज लेकर आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता था। पत्रावलियां आरटीओ दफ्तरों में रखनी होती थी। लेकिन अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दफ्तरों में कागजों के ढेर से आजादी मिलेगी।
ट्रेड सर्टिफिकेट : व्यवसाय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। ऑनलाइन ही सर्टिफिकेट जारी हो जाएगा।

परिवहन निगम में दो ऐप व एफएमएस, सीसीटीवी भी लगेंगे

परिवहन निगम ने ड्राइवरों के लिए हमसफर एप लॉन्च किया है। इस ऐप को ड्राइवर के सामने मोबाइल फोन में इंस्टॉल किया जाएगा। ड्राइवर की हर हरकत पर यह एप नजर रखेगा। नींद आने पर ड्राइवर को अलर्ट करेगा। इसमें सुरक्षित बस संचालन पर रिवार्ड मिलेंगे। इसके अलावा अटेंडेंस एप लॉन्च किया गया है। जियो फेंसिंग क्षेत्र में आने पर परिवहन निगम के कर्मचारी अपने मोबाइल से ही अपनी हाजिरी लगा सकेंगे। वहीं, निगम ने फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च कर दिया है।

इसके तहत बसों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। हर बस की लोकेशन देखने को व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस लगाई जाएगी। सभी बसों में फ्यूल सेंसर लगाए जाएंगे। बस की रियल टाइम लोकेशन मिल सकेगी। बिना टिकट यात्रा करने वालों को सीसीटीवी की मदद से पकड़ा जा सकेगा। केंद्रीय कंट्रोल रूम से सभी बसों की पूरी निगरानी की जा सकेगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यह सुविधाएं लॉन्च की।

उत्तराखंड में चालान के प्रशमन शुल्क सहित परिवहन विभाग की छह सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं। इसके साथ ही परिवहन निगम के तीन मोबाइल एप भी लॉन्च हो गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इनका शुभारंभ किया।

परिवहन विभाग की यह सेवाएं हुईं ऑनलाइन

ऑनलाइन टैक्स भुगतान : स्टेज कैरिज वाहनों के टैक्स पहले कार्यालय में जमा होते थे लेकिन अब परिवहन वेबसाइट के माध्यम से कहीं से भी ऑनलाइन टैक्स जमा करा सकेंगे।
चालान प्रशमन शुल्क : अभी तक चालान की फीस दफ्तरों में जमा होती थी लेकिन अब परिवहन विभाग की ई-चालान वेबसाइट के माध्यम से सीधे ऑनलाइन जमा करा सकेंगे।

अस्थायी परमिट ऑनलाइन : परिवहन विभाग के अस्थायी परमिट लेने के लिए अभी तक आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता था लेकिन अब ऑनलाइन आवेदन व शुल्क भुगतान होगा। ऑनलाइन स्क्रूटनी, अनुमोदन व परमिट डाउनलोड कर सकेंगे।
ऑनलाइन कांट्रेक्ट कैरिज परमिट : संभागीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से अब कांट्रेक्ट कैरिज परमिट का आवेदन ऑनलाइन कर सकेंगे और शुल्क भी ऑनलाइन जमा करा सकेंगे। यह परमिट भी ऑनलाइन ही मिलेंगे।
वाहनों के पंजीकरण : अभी तक निजी वाहनों का पंजीकरण डीलर प्वाइंट पर डाटा एंट्री, डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद ऑनलाइन फीस व टैक्स जमा होती थी। इसके बाद डीलर को पूरे कागज लेकर आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता था। पत्रावलियां आरटीओ दफ्तरों में रखनी होती थी। लेकिन अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दफ्तरों में कागजों के ढेर से आजादी मिलेगी।
ट्रेड सर्टिफिकेट : व्यवसाय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। ऑनलाइन ही सर्टिफिकेट जारी हो जाएगा।

परिवहन निगम में दो ऐप व एफएमएस, सीसीटीवी भी लगेंगे

परिवहन निगम ने ड्राइवरों के लिए हमसफर एप लॉन्च किया है। इस ऐप को ड्राइवर के सामने मोबाइल फोन में इंस्टॉल किया जाएगा। ड्राइवर की हर हरकत पर यह एप नजर रखेगा। नींद आने पर ड्राइवर को अलर्ट करेगा। इसमें सुरक्षित बस संचालन पर रिवार्ड मिलेंगे। इसके अलावा अटेंडेंस एप लॉन्च किया गया है। जियो फेंसिंग क्षेत्र में आने पर परिवहन निगम के कर्मचारी अपने मोबाइल से ही अपनी हाजिरी लगा सकेंगे। वहीं, निगम ने फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च कर दिया है।

इसके तहत बसों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। हर बस की लोकेशन देखने को व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस लगाई जाएगी। सभी बसों में फ्यूल सेंसर लगाए जाएंगे। बस की रियल टाइम लोकेशन मिल सकेगी। बिना टिकट यात्रा करने वालों को सीसीटीवी की मदद से पकड़ा जा सकेगा। केंद्रीय कंट्रोल रूम से सभी बसों की पूरी निगरानी की जा सकेगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यह सुविधाएं लॉन्च की।

उत्तराखंड में चालान के प्रशमन शुल्क सहित परिवहन विभाग की छह सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं। इसके साथ ही परिवहन निगम के तीन मोबाइल एप भी लॉन्च हो गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इनका शुभारंभ किया।

परिवहन विभाग की यह सेवाएं हुईं ऑनलाइन

ऑनलाइन टैक्स भुगतान : स्टेज कैरिज वाहनों के टैक्स पहले कार्यालय में जमा होते थे लेकिन अब परिवहन वेबसाइट के माध्यम से कहीं से भी ऑनलाइन टैक्स जमा करा सकेंगे।
चालान प्रशमन शुल्क : अभी तक चालान की फीस दफ्तरों में जमा होती थी लेकिन अब परिवहन विभाग की ई-चालान वेबसाइट के माध्यम से सीधे ऑनलाइन जमा करा सकेंगे।

अस्थायी परमिट ऑनलाइन : परिवहन विभाग के अस्थायी परमिट लेने के लिए अभी तक आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता था लेकिन अब ऑनलाइन आवेदन व शुल्क भुगतान होगा। ऑनलाइन स्क्रूटनी, अनुमोदन व परमिट डाउनलोड कर सकेंगे।
ऑनलाइन कांट्रेक्ट कैरिज परमिट : संभागीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से अब कांट्रेक्ट कैरिज परमिट का आवेदन ऑनलाइन कर सकेंगे और शुल्क भी ऑनलाइन जमा करा सकेंगे। यह परमिट भी ऑनलाइन ही मिलेंगे।
वाहनों के पंजीकरण : अभी तक निजी वाहनों का पंजीकरण डीलर प्वाइंट पर डाटा एंट्री, डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद ऑनलाइन फीस व टैक्स जमा होती थी। इसके बाद डीलर को पूरे कागज लेकर आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता था। पत्रावलियां आरटीओ दफ्तरों में रखनी होती थी। लेकिन अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दफ्तरों में कागजों के ढेर से आजादी मिलेगी।
ट्रेड सर्टिफिकेट : व्यवसाय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। ऑनलाइन ही सर्टिफिकेट जारी हो जाएगा।

परिवहन निगम में दो ऐप व एफएमएस, सीसीटीवी भी लगेंगे

परिवहन निगम ने ड्राइवरों के लिए हमसफर एप लॉन्च किया है। इस ऐप को ड्राइवर के सामने मोबाइल फोन में इंस्टॉल किया जाएगा। ड्राइवर की हर हरकत पर यह एप नजर रखेगा। नींद आने पर ड्राइवर को अलर्ट करेगा। इसमें सुरक्षित बस संचालन पर रिवार्ड मिलेंगे। इसके अलावा अटेंडेंस एप लॉन्च किया गया है। जियो फेंसिंग क्षेत्र में आने पर परिवहन निगम के कर्मचारी अपने मोबाइल से ही अपनी हाजिरी लगा सकेंगे। वहीं, निगम ने फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च कर दिया है।

इसके तहत बसों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। हर बस की लोकेशन देखने को व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस लगाई जाएगी। सभी बसों में फ्यूल सेंसर लगाए जाएंगे। बस की रियल टाइम लोकेशन मिल सकेगी। बिना टिकट यात्रा करने वालों को सीसीटीवी की मदद से पकड़ा जा सकेगा। केंद्रीय कंट्रोल रूम से सभी बसों की पूरी निगरानी की जा सकेगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यह सुविधाएं लॉन्च की।

उत्तराखंड में चालान के प्रशमन शुल्क सहित परिवहन विभाग की छह सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं। इसके साथ ही परिवहन निगम के तीन मोबाइल एप भी लॉन्च हो गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इनका शुभारंभ किया।

Uttarakhand: अब घर बैठे मोबाइल पर मिलेंगी सरकार की दर्जनों सेवाएं, सीएम धामी ने कई एप और पोर्टल किए लांच

परिवहन विभाग की यह सेवाएं हुईं ऑनलाइन

ऑनलाइन टैक्स भुगतान : स्टेज कैरिज वाहनों के टैक्स पहले कार्यालय में जमा होते थे लेकिन अब परिवहन वेबसाइट के माध्यम से कहीं से भी ऑनलाइन टैक्स जमा करा सकेंगे।
चालान प्रशमन शुल्क : अभी तक चालान की फीस दफ्तरों में जमा होती थी लेकिन अब परिवहन विभाग की ई-चालान वेबसाइट के माध्यम से सीधे ऑनलाइन जमा करा सकेंगे।

अस्थायी परमिट ऑनलाइन : परिवहन विभाग के अस्थायी परमिट लेने के लिए अभी तक आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता था लेकिन अब ऑनलाइन आवेदन व शुल्क भुगतान होगा। ऑनलाइन स्क्रूटनी, अनुमोदन व परमिट डाउनलोड कर सकेंगे।
ऑनलाइन कांट्रेक्ट कैरिज परमिट : संभागीय परिवहन प्राधिकरण की ओर से अब कांट्रेक्ट कैरिज परमिट का आवेदन ऑनलाइन कर सकेंगे और शुल्क भी ऑनलाइन जमा करा सकेंगे। यह परमिट भी ऑनलाइन ही मिलेंगे।
वाहनों के पंजीकरण : अभी तक निजी वाहनों का पंजीकरण डीलर प्वाइंट पर डाटा एंट्री, डॉक्यूमेंट अपलोड करने के बाद ऑनलाइन फीस व टैक्स जमा होती थी। इसके बाद डीलर को पूरे कागज लेकर आरटीओ दफ्तर जाना पड़ता था। पत्रावलियां आरटीओ दफ्तरों में रखनी होती थी। लेकिन अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। दफ्तरों में कागजों के ढेर से आजादी मिलेगी।
ट्रेड सर्टिफिकेट : व्यवसाय प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। ऑनलाइन ही सर्टिफिकेट जारी हो जाएगा।

परिवहन निगम में दो ऐप व एफएमएस, सीसीटीवी भी लगेंगे

परिवहन निगम ने ड्राइवरों के लिए हमसफर एप लॉन्च किया है। इस ऐप को ड्राइवर के सामने मोबाइल फोन में इंस्टॉल किया जाएगा। ड्राइवर की हर हरकत पर यह एप नजर रखेगा। नींद आने पर ड्राइवर को अलर्ट करेगा। इसमें सुरक्षित बस संचालन पर रिवार्ड मिलेंगे। इसके अलावा अटेंडेंस एप लॉन्च किया गया है। जियो फेंसिंग क्षेत्र में आने पर परिवहन निगम के कर्मचारी अपने मोबाइल से ही अपनी हाजिरी लगा सकेंगे। वहीं, निगम ने फ्लीट मैनेजमेंट सिस्टम लॉन्च कर दिया है।

इसके तहत बसों में सीसीटीवी लगाए जाएंगे। हर बस की लोकेशन देखने को व्हीकल लोकेशन ट्रेकिंग डिवाइस लगाई जाएगी। सभी बसों में फ्यूल सेंसर लगाए जाएंगे। बस की रियल टाइम लोकेशन मिल सकेगी। बिना टिकट यात्रा करने वालों को सीसीटीवी की मदद से पकड़ा जा सकेगा। केंद्रीय कंट्रोल रूम से सभी बसों की पूरी निगरानी की जा सकेगी। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को यह सुविधाएं लॉन्च की।

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